कच्चे तेल की कीमतें लगातार चौथे दिन गिरी, जानिए क्या है इसकी वजह
कच्चे तेल की कीमतें लगातार चौथे दिन गिरी हैं। ऐसा जून के बाद पहली बार हुआ है। ब्रेंट क्रूड लगभग 101 डॉलर (करीब 9,600 रुपये) प्रति बैरल पर बना हुआ है, वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमत 98 डॉलर (करीब 9,300 रुपये) से नीचे आ गई है।
तेल के दामों में यह गिरावट ऐसे समय में देखने को मिल रही है, जब राजनयिक प्रयास जारी हैं। जल्द ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात हो सकती है।
सऊदी अरामको ने तेल देने से किया मना
मध्य पूर्व में तनाव के बावजूद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की खेप 6 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।
हालांकि, सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। सऊदी अरामको ने यूरोप में अपने रिफाइनिंग ग्राहकों को बताया है कि उन्हें अगले महीने लॉन्ग-टर्म एग्रीमेंट के तहत कोई कच्चा तेल नहीं दिया जाएगा। इस रुकावट से साफ होता है कि तेल आपूर्ति से जुड़े खतरे अभी जल्द खत्म होने वाले नहीं हैं।