भारत-ब्रिटेन के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए तैनात होंगे 1,000 सलाहकार
भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार की रफ्तार अब और बढ़ने वाली है। केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल ने घोषणा की है कि पूरे देश में 1,000 सलाहकार तैनात किए जाएंगे।
इसके साथ ही, राष्ट्रीय व्यापार पोर्टल को भी अपग्रेड किया जा रहा है। यह सब इसलिए किया जा रहा है, ताकि कंपनियां नए भारत-ब्रिटेन कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) का पूरा फायदा उठा सकें, जो 15 जुलाई से शुरू हो रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य सालाना व्यापार को 25.5 अरब पाउंड (करीब 3,000 अरब रुपये) तक पहुंचाना है।
5 साल तक मिलेगी सामाजिक सुरक्षा भुगतान से छूट
CETA भारतीय पेशेवरों के लिए कई खास सुविधाएं लेकर आया है। अब जो भारतीय पेशेवर यूनाइटेड किंगडम (UK) में काम करेंगे, उन्हें 5 साल तक सामाजिक सुरक्षा का भुगतान नहीं करना होगा।
इसका मतलब है कि उनकी टेक-होम सैलरी (हाथ में आने वाला वेतन) बढ़ जाएगी और वे जो पैसा बचाएंगे, उसे टैक्स-फ्री बचत के तौर पर अपने देश भेज पाएंगे।
गोयल ने भारतीय कंपनियों को निर्माण, नवाचार और वैश्विक मानक पर और ज्यादा ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि बर्मिंघम-गुजरात और मैनचेस्टर-महाराष्ट्र जैसी साझेदारी से टेक्नोलॉजी, क्लीन एनर्जी, डिफेंस और अन्य कई क्षेत्रों में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे।