भारत का AI डाटा सेंटर उद्योग जबरदस्त उछाल के लिए तैयार
भारत में डाटा सेंटर का क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। इससे देश के लिए 700 से 800 अरब डॉलर (66,500-76,000 अरब रुपये) के निवेश का एक बड़ा अवसर पैदा हो रहा है।
बिजली और जमीन से जुड़ी परेशानियों जैसी बाधाओं को दूर करने में मदद के लिए केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस सप्ताह उद्योग जगत के नेताओं से मुलाकात की।
उनका मकसद इन समस्याओं का व्यावहारिक समाधान तलाशना और काम को तेजी से आगे बढ़ाना था।
बैठक में बिजली की समस्याएं सुलझीं
इस बैठक में बिजली से जुड़े कनेक्शन और कारोबार करने में आसानी से जुड़ी कई बड़ी चिंताओं को दूर किया गया। टर्नर एंड टाउनसेंड के चेयरमैन डेविन नारंग ने बताया कि इन समस्याओं का समाधान हो गया है। बची हुई चुनौतियों से तुरंत निपटने के लिए अब उप समितियां बनाई गई हैं।
उद्योग जगत की हस्तियों ने भी अपनी बात रखी। माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और दक्षिण एशिया की मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) हिमानी अग्रवाल ने भारत के तेजी से बढ़ रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तैयार ढांचे की अहमियत समझाई।
उन्होंने बताया, "माइक्रोसॉफ्ट के तौर पर हमारे पास 4 रीजन में सबसे बड़ा हाइपरस्केल इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है। हमारा सबसे नया रीजन, हैदराबाद, तो पहले दिन से ही AI-रेडी है।"
उन्होंने आगे कहा, "इसकी वजह से भारत न केवल AI की बढ़ती मांग में अपनी हिस्सेदारी निभा पा रहा है, बल्कि वैश्विक AI अर्थव्यवस्था को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।"