AI उद्योग में बदलाव से भारतीय IT कंपनियों को होगा फायदा, विश्लेषक का दावा
HFS रिसर्च के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और मुख्य विश्लेषक फिल फेर्स्ट का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उद्योग में एक बड़ा बदलाव आने वाला है।
उनका कहना है कि इस उद्योग में कंपनियों का बहुत ज्यादा मूल्यांकन है, जिसकी वजह से बाजार में करेक्शन आ सकता है। फर्स्ट का मानना है कि यह करेक्शन भारतीय IT कंपनियों के लिए असल में फायदेमंद साबित हो सकता है।
वे इस स्थिति को 'जे-कर्व' का सबसे निचला स्तर बताते हैं। इसका मतलब है कि अभी भले ही हालात मुश्किल लग रहे हों, लेकिन जल्द ही उनमें सुधार आएगा।
फेर्स्ट मानते हैं कि भारतीय IT कंपनियां बड़ी वैश्विक कंपनियों को AI को गंभीरता से अपनाने में मदद करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं क्योंकि उनमें से कई ने अभी तक इसे पूरी तरह से नहीं अपनाया है।
प्लेटफॉर्म-आधारित मॉडल पर ध्यान देने को कहा
फेर्स्ट का मानना है कि भारतीय IT कंपनियाें को ज्यादा लोगों को नौकरी देने की बजाय ऐसे प्लेटफॉर्म-आधारित मॉडल्स पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, जो ठोस नतीजे देते हैं।
उन्होंने बताया कि बड़ी कंपनियों के अंदर लगभग 18,000 अरब डॉलर (करीब 16 लाख अरब रुपये) का ऐसा अप्रयुक्त मूल्य छिपा है, जिसका इस्तेमाल अभी तक नहीं हुआ है।
उनका सुझाव है कि इंफोसिस और विप्रो जैसी कंपनियों को नए AI-केंद्रित कंपनियों के बाजार में आने से पहले मिड-मार्केट के अवसरों पर नजर रखनी चाहिए।
पारंपरिक IT प्रोवाइडर व्यवसायों को AI की मजबूत नींव बनाने के लिए जरूरी हैं क्योंकि यह काम सिर्फ बिग टेक कंपनियाँ अकेले नहीं कर सकतीं।