पेट्रोल-डीजल 4 दिन में दूसरी बार हुआ महंगा, 90 पैसे प्रति लीटर बढ़ाए दाम
क्या है खबर?
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज फिर बढ़ोतरी देखने को मिली है। तेल कंपनियों ने मंगलवार को दोनों ईंधनों के दाम करीब 90 पैसे प्रति लीटर बढ़ा दिए। यह एक हफ्ते के अंदर दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए थे। नई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपये और डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है, जिससे आम लोगों की चिंता बढ़ गई है।
दाम
बड़े शहरों में बढ़े फ्यूल के दाम
दिल्ली के अलावा देश के दूसरे बड़े शहरों में भी फ्यूल महंगा हुआ है। मुंबई में पेट्रोल 107.59 रुपये और डीजल 94.08 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। कोलकाता में पेट्रोल सबसे ज्यादा बढ़कर 109.70 रुपये प्रति लीटर हो गया। वहीं, चेन्नई में पेट्रोल 104.49 रुपये और डीजल 96.11 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। लगातार बढ़ती कीमतों का असर रोजमर्रा के खर्च और ट्रांसपोर्ट लागत पर भी दिखाई देने लगा है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ रही है।
दबाव
ईरान युद्ध से बढ़ा तेल का दबाव
पश्चिम एशिया में जारी ईरान संघर्ष का असर अब भारत के फ्यूल बाजार पर भी साफ दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने से तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है, इसलिए ग्लोबल बाजार में हर बदलाव का सीधा असर देश में पड़ता है। फरवरी में 69 डॉलर प्रति बैरल रहने वाला तेल अब 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है।
रुपये
रुपये में गिरावट से बढ़ा इंपोर्ट बिल
डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी फ्यूल महंगा होने की बड़ी वजह बन रही है। रुपया 96 प्रति डॉलर के करीब पहुंचने से तेल आयात का खर्च काफी बढ़ गया है। इससे तेल कंपनियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है, जिसका असर अब ग्राहकों पर डाला जा रहा है। अगर रुपये में और गिरावट आती है, तो आने वाले दिनों में फ्यूल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। इससे महंगाई बढ़ने की आशंका भी लगातार बनी हुई है।
CNG
CNG की कीमतों में भी बढ़ोतरी
पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ CNG की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दिल्ली में CNG अब 80.09 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। नोएडा और गाजियाबाद में इसकी कीमत 88.70 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। गुरुग्राम, मेरठ और मुजफ्फरनगर में भी दाम बढ़े हैं। होर्मुज स्ट्रेट में तनाव और कार्गो जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से भारत का तेल आयात खर्च तेजी से बढ़ा है, जिसका असर अब हर तरह के ईंधन पर दिखाई दे रहा है।