पेटीएम पोस्टपेड जल्द ही पिछले उच्चतम स्तर को कर लेगा पार, CFO का दावा
क्या है खबर?
पेटीएम अपनी 'बाय नाउ पे लेटर' (BNPL) सर्विस पोस्टपेड का नया वर्जन पहले वाले की तुलना में बहुत तेजी से बढ़ा रहा है। पुराने वर्जन को दिसंबर, 2023 में बिना गारंटी वाले लोन (अनसिक्योर्ड लेंडिंग) पर नियामकी सख्ती के बाद बंद कर दिया गया था। समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) मधुर देवड़ा का कहना है कि छोटे-छोटे कंज्यूमर लोन का सेगमेंट एक बड़ा बाजार मौका है, जिससे प्लेटफॉर्म अपनी सर्विस को पहले से दोगुनी तेजी से बढ़ा सकता है।
प्रगति
अब लोन देने की गति हुई दोगुनी
निवेशकों से बात करते हुए देवड़ा ने कहा, "पहले पोस्टपेड को 9,000 करोड़ रुपये के लेवल तक पहुंचने में 5 साल लगे थे, लेकिन अब हम उस रफ्तार को दोगुना कर रहे हैं साथ ही पुराने और नए दोनों तरह के ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं।"
पेटीएम पोस्टपेड बैंकों के साथ मिलकर पेश किया जाने वाला UPI-आधारित क्रेडिट लाइन उत्पाद है।
यह पर्सनल लोन जैसा है, जिसका इस्तेमाल ग्राहक UPI अकाउंट के जरिए खरीदारी करने के लिए कर सकते हैं।
फायदा
इस सुविधा से कंपनी को हुआ फायदा
इस नई सर्विस का फैसला पूरी तरह बैंकों पर निर्भर है और यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के क्रेडिट फ्रेमवर्क के मुताबिक है।
कंपनी ने कहा कि पैसे कमाने के अलावा, पोस्टपेड पेमेंट के इस्तेमाल को बढ़ाता है और दूसरे कंज्यूमर क्रेडिट उत्पादों के लिए जरिया बनता है।
वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने पोस्टपेड के जरिए 9,010 करोड़ रुपये का लोन बांटा, जो कुल लोन का 56 प्रतिशत था।