ओरेकल बड़े स्तर पर कर सकती है छंटनी, हजारों कर्मचारियों की जाएगी नौकरी
क्या है खबर?
टेक सेक्टर की जानी-मानी कंपनी ओरेकल बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी करने की योजना बना रही है रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी 20,000 से 30,000 तक नौकरियां खत्म कर सकती है। यह कदम ओरेकल के हालिया इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी माना जा रहा है। कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े बड़े डाटा सेंटर प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है, जिसके लिए भारी निवेश की जरूरत है। इसी दबाव के बीच यह फैसला सामने आया है।
विभाग
किन विभागों पर पड़ सकता है असर?
इस छंटनी का असर ओरेकल के कई बिजनेस और सपोर्ट डिवीजनों पर पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, डाटा सेंटर ऑपरेशंस और कुछ कॉरपोरेट सपोर्ट टीमें सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा, कंपनी अपनी कुछ गतिविधियों और यूनिट्स को बेचने पर भी विचार कर रही है। हेल्थकेयर सॉफ्टवेयर यूनिट सेर्नर को भी बेचने के विकल्प खुले रखे गए हैं, जिसे ओरेकल ने 2022 में खरीदा था।
वजह
क्यों छंटनी कर रही है कंपनी?
ओरेकल छंटनी मुख्य रूप से फंडिंग दबाव की वजह से कर रही है। इन्वेस्टमेंट बैंक TD कोवेन के अनुसार, कई अमेरिकी बैंकों ने ओरेकल को AI डाटा सेंटर विस्तार के लिए लोन देने से पीछे हटना शुरू कर दिया है। कंपनी को अगले कुछ सालों में करीब 156 अरब डॉलर (लगभग 14,000 अरब रुपये) के कैपिटल खर्च की जरूरत है। छंटनी से ओरेकल को 8-10 अरब डॉलर (लगभग 700-900 अरब रुपये) तक का फ्री कैश फ्लो मिलने की उम्मीद है।
रणनीति
आगे की रणनीति और इंडस्ट्री पर असर
छंटनी के साथ-साथ ओरेकल नई रणनीतियों पर भी काम कर रही है। कंपनी 'अपनी चिप खुद लाओ' यानी BYOC मॉडल पर विचार कर रही है, जिसमें ग्राहक अपना हार्डवेयर खुद देंगे और इससे ओरेकल का खर्च कम होगा। यह कदम टेक इंडस्ट्री में चल रहे बड़े रीस्ट्रक्चरिंग ट्रेंड को दिखाता है। इससे पहले अमेजन और अन्य टेक कंपनियां भी AI निवेश के चलते बड़े पैमाने पर छंटनी कर चुकी हैं।