ईरान पर अमेरिकी की जवाबी कार्रवाई से फिर उछला कच्चा तेल
बुधवार को तेल की कीमतों में भारी उछाल दर्ज की गई, जिससे दाम 87.50 डॉलर (करीब 8,300 रुपये) प्रति बैरल के करीब पहुंच गए।
ईरान पर अमेरिकी पलटवार के बाद कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ गई है।
तेल के दामों में अचानक आई इस तेजी से दुनियाभर में महंगाई बढ़ने और रोजमर्रा की चीजों के और महंगे होने की चिंता गहरा गई है।
फेड के फैसले से पहले ऐसी रही बाजार की प्रतिक्रिया
तेल की कीमतों में उछाल का असर वित्तीय बाजारों पर भी दिखा। बेंचमार्क 10-साल बॉन्ड पर यील्ड बढ़कर 4.62 फीसदी तक पहुंच गया, वहीं एशियाई शेयर बाजारों में कुछ सुधार देखने को मिला।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.2 फीसदी चढ़ा, जबकि MSCI एशिया प्रशांत में 0.6 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। तकनीकी शेयरों पर आधारित नैस्डैक-100 फ्यूचर्स भी शुरुआती गिरावट के बाद थोड़े संभले।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लेकर क्या फैसला लेता है क्योंकि बढ़ती ऊर्जा कीमतें और दुनियाभर में छाई अनिश्चितता निवेशकों के मन में दुविधा पैदा कर रही है।