होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट से फिर उछले कच्चे तेल के दाम
कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार (13 जुलाई) को तेजी देखी गई। अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए संघर्षों के कारण दुनियाभर में तेल आपूर्ति के मुख्य मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति में बाधा आने की आशंका बढ़ गई है। इसी चिंता के चलते ब्रेंट क्रूड का भाव 4 प्रतिशत से भी ज्यादा बढ़कर 79.50 डॉलर (करीब 7,500 रुपये) प्रति बैरल तक पहुंच गया।, वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 74.20 डॉलर (करीब 7,000 रुपये) प्रति बैरल पर जा पहुंचा।
केवल तेल ही नहीं, सप्ताहांत के बाद बाजारों के खुलने पर यूरोप में प्राकृतिक गैस की कीमतें भी चढ़ गईं।
विश्लेषकों की दाम करीब दोगुने होने की चेतावनी
होर्मुज जलडमरूमध्य से हर दिन लगभग 2 करोड़ बैरल तेल का आवागमन होता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट आने पर तेल की कीमतें आसमान छूने लगती हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर, यह तनाव ज्यादा दिनों तक बना रहा तो तेल के भाव 150 डॉलर (14,000 रुपये) प्रति बैरल तक भी पहुंच सकते हैं।
दरअसल, वैश्विक स्तर पर तेल उत्पादन में थोड़ी वृद्धि हुई है, लेकिन यह अब भी युद्ध से पहले के स्तर से काफी कम है। इसका सीधा असर यह है कि दुनिया के ऊर्जा बाजार पहले से ही दबाव में हैं।