भारतीय स्टार्टअप्स की फंडिंग में पिछले महीने 47.5 फीसदी की गिरावट
भारतीय स्टार्टअप्स के लिए अक्टूबर का महीना काफी चुनौती भरा रहा। इस महीने उन्हें कुल 67.80 करोड़ डॉलर (करीब 6,400 करोड़ रुपये) की फंडिंग मिली, जो सितंबर के मुकाबले 47.5 फीसदी कम है।
सबसे खास बात यह रही कि किसी भी कंपनी को 10 करोड़ डॉलर (करीब 950 करोड़ रुपये) से ज्यादा की बड़ी फंडिंग नहीं मिली। इस दौरान टेसोल्व सेमीकंडक्टर को 7.5 करोड डॉलर (करीब 700 करोड़ रुपये) और इवन हेल्थकेयर को 5 करोड़ डॉलर (करीब 450 करोड़ रुपये) की फंडिंग मिली, जो इस महीने के सबसे बड़े सौदे रहे।
बेंगलुरु फंडिंग हासिल करने में सबसे आगे
इस दौरान मिली फंडिंग का एक बड़ा हिस्सा ग्रोथ-स्टेज सौदे में लगा, जिन्हें कुल 41.46 करोड़ डॉलर (करीब 3,900 करोड़ रुपये) मिले, जबकि शुरुआती दौर के स्टार्टअप्स को 26.30 करोड़ डॉलर (करीब 2,500 करोड़ रुपये) की फंडिंग ही मिली।
शहरों के मामले में बेंगलुरु सबसे आगे रहा। यहां 52 सौदों के जरिए 42 करोड़ डॉलर (करीब 4,000 करोड़ रुपये) का निवेश हुआ, जो दिल्ली NCR और मुंबई से काफी ज्यादा था।
सेक्टर के हिसाब से ई-कॉमर्स सबसे ऊपर रहा, जिसने 18.26 करोड़ डॉलर (करीब 1,700 करोड़ रुपये) जुटाए। इसके बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और हेल्थटेक जैसे सेक्टर्स में भी अच्छा निवेश हुआ।
यह दिखाता है कि निवेशक अब पहले से ज्यादा समझदारी से निवेश कर रहे हैं। वे ऐसे स्टार्टअप्स को चुन रहे हैं, जो केवल सुर्खियों में रहने या तेज ग्रोथ दिखाने की बजाय सही मायने में मुनाफा कमाते हैं और जिनका बिजनेस प्लान मजबूत होता है।