एनवीडिया के प्रतिबंधों के कारण चीन में हुई AI चिप्स की कमी
अमेरिकी निर्यात प्रतिबंधों की वजह से एनवीडिया ने चीन तक अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप्स की पहुंच को काफी मुश्किल बना दिया है।
कंपनी ने अपनी एशियाई सप्लाई चेन के लिए अब एक सख्त 'व्हाइटलिस्ट' लागू की है। इसके चलते उसके आधे से ज्यादा पुराने ग्राहकों को अब ये चिप्स नहीं मिल पाएंगे।
इनमें वे 'नियोक्लाउड' कंपनियां भी शामिल हैं, जो AI कंप्यूटिंग का काम करती हैं और जिन्हें प्रतिबंधों से बचने का एक जरिया माना जा रहा था।
अमेरिकी सरकार ने किया जांचों का समर्थन
एनवीडिया अब केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि वह सिंगापुर और जापान जैसे प्रमुख ठिकानों पर डाटा सेंटर की जांच कर रही है, समझौतों की समीक्षा कर रही है और सीधे अंतिम-यूजर्स से भी बात कर रही है। अमेरिकी सरकार इन सभी कदमों का पूरी तरह से समर्थन कर रही है, ताकि एडवांस तकनीक गलत हाथों में पड़ने से रोका जा सके।
इस बीच, चीन को AI हार्डवेयर की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या अमेरिकी निर्यात प्रतिबंधों के साथ-साथ बीजिंग द्वारा एनवीडिया के कम क्षमता वाले H200 चिप्स पर लगाई गई अपनी ही पाबंदियों की वजह से और बढ़ गई है। इस कमी को पूरा करने के लिए चीन इस साल के अंत तक अपनी चिप बनाने की क्षमता को 3 गुना करने का लक्ष्य रख रहा है।