विदेशों से परिवार वालों को पैसा भेजने वाले टैक्स नोटिस से ऐसे करें बचाव
अप्रवासी भारतीयों (NRIs) की ओर से भारत में रहने वाले अपने माता-पिता को भेजी गई बड़ी रकम पर आयकर विभाग निगरानी कर रहा है। भले ही उन्होंने यह पैसा केवल परिवार के खर्चे के लिए भेजा हो, लेकिन कागजी कार्रवाई सही नहीं है तो उनको टैक्स नोटिस मिल सकता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें अमेरिका में रहने वाले एक NRI को इसी वजह से 6 साल तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। हालांकि, इस साल मई में उन्हें इस मामले से राहत मिल गई।
इन नियमों का पालना करना जरूरी
अगर, भारतीय कानून के तहत NRI के माता-पिता 'निर्दिष्ट संबंधी' की श्रेणी में आते हैं तो उन्हें भेजा गया पैसा टैक्स-फ्री होता है। हालांकि, पैसा भेजते समय इस बात का ध्यान जरूर रखना जरूरी है कि सही पर्पज कोड (जैसे 'फैमिली मेंटेनेंस') का इस्तेमाल करना होगा। बैंक इसकी जांच करते हैं और अगर, इसमें कोई गलती हो जाती है तो पैसे भेजने में देरी हो सकती है या फिर भेजने वाले से सवाल-जवाब किए जा सकते हैं।
वैसे तो घर कितना भी पैसा भेजा जा सकता है, इसकी कोई अधिकतम सीमा नहीं है, लेकिन, अगर गैर-रिश्तेदारों से एक वित्तीय वर्ष में 50,000 रुपये से ज्यादा का कोई गिफ्ट मिलता है तो पूरी रकम पाने वाले के लिए टैक्स के दायरे में आ सकती है। इसके अलावा, दोनों देशों के मनी ट्रांसफर नियमों का पालन करना होगा।