NPCI का रोजाना UPI लेन-देन एक अरब तक पहुंचाने का लक्ष्य
भारत का डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम लगातार बढ़ रहा है। यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) लेन-देन की संख्या रोजाना 75 करोड़ से ज्यादा हो गई है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से इसके एक अरब से ज्यादा होने की उम्मीद है।
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) दिलीप अस्बे ने जोर देकर कहा कि यूजर की संख्या बढ़ाने, धोखाधड़ी रोकने और क्रेडिट बांटने के अगले चरण में AI अहम भूमिका निभाएगा।
ऐप्स की हिस्सेदारी 30 फीसदी सीमित करने की योजना
AI सिर्फ धोखाधड़ी रोकने के लिए नहीं है। यह आपकी डिजिटल आदतों के आधार पर लोन दिलाने में भी मददगार होगा। इसके साथ ही, आवाज और भाषा के सपोर्ट से नए यूजर्स को जोड़ना भी पहले से कहीं ज्यादा सरल होगा।
NPCI का वॉयस असिस्टेंट अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन आस्बे का मानना है कि जैसे-जैसे यह बेहतर होता जाएगा, यह भुगतान करने के तरीके में बड़ा बदलाव लाएगा।
बाजार में संतुलन बनाए रखने के लिए NPCI ने इस साल के आखिर तक किसी भी एक ऐप की बाजार हिस्सेदारी को 30 फीसदी तक सीमित करने की योजना बनाई है, ताकि 2 बड़े ऐप्स का दबदबा खत्म हो सके।
हालांकि, BHIM UPI की बाजार हिस्सेदारी अभी सिर्फ 1 फीसदी के करीब है। इसे बड़ी कंपनियों से मुकाबला करने के लिए नहीं, बल्कि एक सुरक्षित बैकअप विकल्प के तौर पर तैयार किया गया है।