ऑफर देने से मुकर जाने पर उपभोक्ता आयोग ने लेंसकार्ट पर लगाया जुर्माना
लेंसकार्ट को 15,000 रुपये मुआवजे के और 5,000 रुपये कानूनी खर्च के तौर पर चुकाने का आदेश दिया गया है। यह आदेश नेल्लोर उपभोक्ता आयोग ने इसलिए दिया क्योंकि कंपनी अपने 'एक खरीदो, एक मुफ्त पाओ' वाले ऑफर को पूरा नहीं कर पाई थी।
आयोग ने चश्मा बेचने वाले इस ब्रांड को अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी पाया। साथ ही, कंपनियों को यह भी याद दिलाया कि इस तरह के प्रचार ऑफर सिर्फ वादे नहीं होते, बल्कि कानूनन इन्हें पूरा करना जरूरी होता है।
ग्राहक ने लगाया यह आरोप
मार्च, 2025 में नेल्लोर के लेंसकार्ट स्टोर से एक ग्राहक ने चश्मे खरीदे थे। उन्हें कंपनी के 'एक खरीदो, एक मुफ्त पाओ' ऑफर के तहत 2 चश्मे मिलने थे, लेकिन उसको सिर्फ एक ही मिला।
जब ग्राहक ने इस बारे में शिकायत की और उनकी समस्या ठीक नहीं हुई तो लेंसकार्ट ने उन्हें पूरे पैसे की बजाय सिर्फ आधी रकम ही लौटाई।
इसके बाद ग्राहक ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने लेंसकार्ट को आदेश दिया कि वह ग्राहक के बचे हुए पैसे ब्याज के साथ वापस करे। इसके अलावा, ग्राहक को हुई मानसिक परेशानी के लिए 15,000 रुपये और कानूनी कार्यवाही में लगे 5,000 रुपये भी चुकाने को कहा है। इस आदेश का पालन करने के लिए उसको 45 दिन का समय दिया गया है।