बाजार में उतार-चढ़ाव आने पर भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना होगा भारी नुकसान
क्या है खबर?
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान निवेशकों के धैर्य और अनुशासन की परीक्षा होती है। गिरावट आने पर कई निवेशक घबरा जाते हैं। पोर्टफोलियो का मूल्य घटते ही सबसे पहले म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) रोकने या निवेश निकालने का ख्याल आता है। जानकार मानते हैं ऐसे समय में लिया गया जल्दबाजी का फैसला लंबे समय में बड़ा नुकसान करा सकता है। आइये जानते हैं बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान म्यूचुअल फंड निवेशक कौनसी गलतियां नहीं करनी चाहिए।
घबराहट
जल्दबाजी में लिए फैसले से होगा नुकसान
बाजार में गिरावट आने पर कई निवेशक घबराकर अपनी म्यूचुअल फंड यूनिट्स बेच देते हैं, ताकि आगे नुकसान न हो, लेकिन ऐसा करने से नुकसान पक्का हो जाता है। बाद में आने वाली रिकवरी का फायदा नहीं मिल पाता। इतिहास बताता है कि बाजार गिरने के बाद अक्सर दोबारा संभलता है। इसके अलावा उतार-चढ़ाव के समय कुछ निवेशक बेहतर रिटर्न की उम्मीद में बार-बार फंड, सेक्टर या एसेट क्लास बदलने लगते हैं। यह निर्णय सही नहीं रहता है।
SIP
SIP रोकने में न करें जल्दबाजी
बाजार गिरने पर कई लोग अपनी SIP रोक देते हैं, जबकि इसका सबसे बड़ा फायदा यही है कि गिरावट के समय कम कीमत पर ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं। कुछ निवेशक गिरावट आने पर बाजार से निकल जाने और बाद में नीचे आने पर दोबारा निवेश करने के बारे में सोचते हैं, लेकिन यह सही नहीं है। इस दौरान पोर्टफोलियो का संतुलन बिगड़ सकता है। ऐसे में समय-समय पर रीबैलेंस करना जरूरी होता है।