मेटा ने कर्मचारियों के प्रदर्शन रिव्यू के नियम बदले, 300 प्रतिशत तक मिलेगा बोनस
क्या है खबर?
मेटा ने अपने कर्मचारियों के परफॉर्मेंस रिव्यू सिस्टम में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है, जिसका सीधा असर सैलरी और बोनस पर पड़ेगा। कंपनी अब टॉप परफॉर्म करने वाले कर्मचारियों को उनके बेस बोनस का 300 प्रतिशत तक बोनस देगी। इसके लिए मेटा 'चेकपॉइंट' नाम का नया परफॉर्मेंस प्रोग्राम शुरू कर रही है। यह सिस्टम 2026 के बीच में लागू होगा और इसका मकसद रिव्यू प्रक्रिया को आसान बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना और नतीजों पर ज्यादा ध्यान देना है।
रेटिंग
चार कैटेगरी में होगी रेटिंग
बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के अनुसार, नए सिस्टम के तहत कर्मचारियों को चार अलग-अलग कैटेगरी में बांटा जाएगा, ताकि प्रदर्शन को बेहतर तरीके से आंका जा सके। लगभग 20 प्रतिशत कर्मचारियों को 'शानदार' माना जाएगा, जिन्हें 200 प्रतिशत बोनस मिलेगा। करीब 70 प्रतिशत कर्मचारी 'बहुत बढ़िया' कैटेगरी में होंगे और उन्हें 115 प्रतिशत बोनस दिया जाएगा। लगभग 7 प्रतिशत कर्मचारियों को सुधार की जरूरत वाली श्रेणी में रखा जाएगा, जबकि करीब 3 प्रतिशत कर्मचारियों को कोई बोनस नहीं मिलेगा।
अवॉर्ड
टॉप परफॉर्मर्स के लिए खास अवॉर्ड
मेटा ने बताया है कि कुछ चुनिंदा टॉप परफॉर्मर्स के लिए नया 'मेटा अवॉर्ड' शुरू किया जाएगा, जो अतिरिक्त प्रोत्साहन देगा। ऐसे कर्मचारी, जो कंपनी के बिजनेस और ग्रोथ पर बहुत ज्यादा असर डालते हैं, उन्हें 300 प्रतिशत तक बोनस मिल सकता है। कंपनी का कहना है कि मेटा में ज्यादातर लोग हाई परफॉर्मर हैं। नए सिस्टम से अच्छे काम को बेहतर तरीके से पहचान मिलेगी और कर्मचारियों को ज्यादा नियमित, साफ और समय पर फीडबैक भी दिया जा सकेगा।
कोशिश
समय बचाने और दबाव बढ़ाने की कोशिश
मेटा के मुताबिक, नया सिस्टम समय बचाने और मैनेजमेंट को ज्यादा असरदार बनाने में मदद करेगा। अभी मैनेजर और कर्मचारी परफॉर्मेंस रिव्यू में बहुत समय लगाते हैं, लेकिन फीडबैक उतना उपयोगी साबित नहीं होता। चेकपॉइंट सिस्टम में साल में दो बार रिव्यू होगा और बोनस भी दो बार मिलेगा। यह बदलाव ऐसे समय आया है जब मेटा परफॉर्मेंस को लेकर सख्त हो रही है और कमजोर प्रदर्शन करने वालों पर दबाव बढ़ाया जा रहा है।