भारत में AI मेमोरी चिप उत्पादन में तेजी आने की उम्मीद
दुनियाभर में मेमोरी चिप्स की बढ़ती मांग के कारण, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डाटा सेंटर्स को चलाने वाले चिप्स की जरूरत को देखते हुए भारत में मेमोरी चिप का उत्पादन तेजी से बढ़ने वाला है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश में डाटा सेंटर में 200 अरब डॉलर (करीब 19,000 अरब रुपये) का निवेश होने जा रहा है, जिससे स्टोरेज टेक्नोलॉजी की बहुत बड़ी मांग पैदा होगी और इसी के चलते मेमोरी चिप उत्पादन में यह बढ़त देखने को मिलेगी।
2 मेमोरी प्लांट में उत्पादन शुरू
भारत में 2 नए प्लांट्स ने मेमोरी-चिप के क्षेत्र में व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है। यह देश के सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए एक बहुत बड़ा कदम है।
अपडेटेड इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM 2.0) के तहत अब चिप्स को डिजाइन करने के साथ-साथ जरूरी उपकरण और रसायन को भी स्थानीय स्तर पर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। एक और बड़ी बात यह है कि भारत में बिजली उत्पादन का करीब आधा हिस्सा रिन्यूएबल स्रोतों से आता है। साथ ही, नई कूलिंग टेक्नोलॉजी की वजह से पानी की खपत में भी 70 फीसदी तक की कमी आई है।
इन सभी वजहों से दुनियाभर के वैश्विक निवेशकों की नजरें भारत पर टिक गई हैं। खासकर, तब जब यह अनुमान है कि 2030 तक डाटा सेंटर्स की पानी की जरूरत 358.66 अरब लीटर तक पहुंच सकती है।