टाटा ट्रस्ट के पूर्व ट्रस्टी मेहली मिस्त्री के मामले में सुनवाई सितंबर तक टली
महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर ने सोमवार (27 जुलाई) को टाटा ट्रस्ट्स के पूर्व ट्रस्टी मेहली मिस्त्री को हटाए जाने से जुड़े मामले की सुनवाई 8 सितंबर तक के लिए टाल दी। ट्रस्ट्स ने मिस्त्री की आपत्तियों का जवाब देने के लिए और समय मांगा था।
मिस्त्री का कहना है कि उनकी आपत्तियां रतन टाटा के निधन के बाद स्थिरता बनाए रखने के लिए पहले से पास किए गए प्रस्ताव के साथ मेल नहीं खातीं।
मिस्त्री ने की स्वतंत्र जांच की मांग
मिस्त्री ने मांग की है कि ट्रस्टी कैसे चुने जाते हैं, इसकी स्वतंत्र जांच हो और एक अलग प्रशासक भी नियुक्त किया जाए।
इसके अलावा, 7 अगस्त को सर रतन टाटा ट्रस्ट की संपत्ति से जुड़े एक मामले पर सुनवाई होनी है। इसके साथ ही, दशकों पुराना एक शेयर ट्रांसफर विवाद भी चल रहा है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि टाटा ट्रस्ट ने पिछले वित्त वर्ष 2026 में करीब 1,600 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
उनका कहना है कि चालू वित्त वर्ष 2027 में यह खर्च बढ़कर 2,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जो मुख्य रूप से सेहत, शिक्षा, आजीविका और रिसर्च के क्षेत्र में लगाया जाएगा।