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जनवरी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की रफ्तार हुई बेहतर, PMI बढ़कर 55.4 हुआ
दिसंबर, 2025 में मैन्युफैक्चरिंग PMI 2 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया था

जनवरी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की रफ्तार हुई बेहतर, PMI बढ़कर 55.4 हुआ

Feb 02, 2026
04:55 pm

क्या है खबर?

देश के विनिर्माण सेक्टर की रफ्तार जनवरी में थोड़ी तेज हुई है। HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) दिसंबर, 2025 के 2 साल के निचले स्तर 55 से बढ़कर पिछले महीने में 55.4 पर पहुंच गया। जनवरी में नए ऑर्डर, उत्पादन और रोजगार में बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं, लेकिन इसके बावजूद कारोबारियों का भरोसा कमजोर बना हुआ है। PMI में 50 से ऊपर का आंकड़ा सेक्टर में विस्तार और इससे नीचे का स्तर गिरावट का संकेत है।

रोजगार सृजन 

रोजगार सृजन में आई गिरावट 

PMI के आंकड़ों से पता चला कि नए ऑर्डर और उत्पादन में वृद्धि जारी रही, लेकिन चुनौतीपूर्ण बाजार स्थितियों, परियोजनाओं के शुरू होने में देरी और कंपनियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण यह वृद्धि धीमी गति से हुई। बिक्री में धीमी वृद्धि का असर परिचालन संबंधी निर्णयों पर भी पड़ा, जिसके चलते रोजगार सृजन 21 महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गया, हालांकि कुल मिलाकर रोजगार में वृद्धि जारी रही।

विश्वास 

कारोबारियों के विश्वास में आई गिरावट 

कंपनियों ने बताया कि मांग में मजबूती, नए कारोबार में इजाफा और टेक्नोलॉजी में निवेश से उत्पादन को सहारा मिला। कुल बिक्री को सबसे ज्यादा मजबूती घरेलू बाजार से मिली। निर्यात के मोर्चे पर भी नए ऑर्डर बढ़े, लेकिन उनकी रफ्तार घरेलू मांग के मुकाबले कमजोर रही। जिन कंपनियों के निर्यात ऑर्डर बढ़े उन्होंने एशिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूरोप और पश्चिम एशिया से बेहतर मांग का हवाला दिया। कारोबारियों के विश्वास का स्तर 3.5 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया।

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