महाराष्ट्र में 1.3 लाख करोड़ रुपये की लागत से बनेगा डाटा सेंटर पार्क
क्या है खबर?
लोढ़ा डेवलपर्स महाराष्ट्र में 2.5 गीगावॉट का डाटा सेंटर पार्क बनाने के लिए अतिरिक्त 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी। पहले की 30,000 करोड़ रुपये की घोषणा के बाद कुल निवेश 1.3 लाख करोड़ रुपये हो गया है। देश का डाटा सेंटर बाजार तेजी से विकसित हो रहा है, जिसमें रियल एस्टेट डेवलपर्स, निवेशक और अल्फाबेट की गूगल और मेटा जैसी तकनीकी दिग्गज कंपनियां महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं।
दावा
सबसे बड़ा डाटा सेंटर पार्क होने का दावा
स्टॉक एक्सचेंज में मंगलवार (20 जनवरी) को दाखिल एक दस्तावेज में लोढ़ा समूह ने कहा कि 2.5 गीगावाट का यह डाटा सेंटर पार्क भारत में अपनी तरह का सबसे बड़ा पार्क होगा। यह घोषणा दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान की गई। अमेजन और सिंगापुर स्थित STT ग्लोबल डाटा सेंटर्स सहित कई कंपनियों ने इस स्थल पर जमीन खरीदी है। समूह ने पिछले साल सितंबर में इसको लेकर महाराष्ट्र सरकार को अपनी प्रारंभिक प्रतिबद्धता दी थी।
बदलाव
क्या है इस बदलाव के पीछे कंपनी की मंशा?
लोढ़ा डेवलपर्स आवासीय और वाणिज्यिक रियल एस्टेट के लिए जाना जाता है, लेकिन डाटा सेंटर्स में यह निवेश कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव का प्रतीक है। इस भारी निवेश से भारत के डिजिटल परिवर्तन को गति देने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने की कंपनी की महत्वाकांक्षा स्पष्ट होती है। इस घोषणा के बाद NSE पर सुबह 9:55 बजे कंपनी के शेयर 2.98 प्रतिशत गिरकर 1,012.90 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।