लैपटॉप और डेस्कटॉप की कीमतों में क्यों हो सकती है 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी?
क्या है खबर?
इस साल लैपटॉप और डेस्कटॉप खरीदने की योजना बना रहे लोगों को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, इन डिवाइस की कीमतें करीब 35 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कंप्यूटर के जरूरी पार्ट्स महंगे होने के कारण यह बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इससे छात्र, होम यूजर्स और पहली बार कंप्यूटर खरीदने वालों के लिए परेशानी बढ़ सकती है और लोग फिलहाल खरीदारी टाल भी सकते हैं।
कीमत
कंपोनेंट महंगे होने से बढ़ी कीमत
विश्लेषकों के अनुसार, इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह कंप्यूटर के जरूरी कंपोनेंट्स की कीमतों में तेज उछाल है। खासकर DDR RAM की कीमतें 2.5 से 3 गुना तक बढ़ चुकी हैं। इसके अलावा, एंट्री लेवल इंटेल प्रोसेसर की कमी भी बाजार में देखी जा रही है। इन दोनों वजहों से लैपटॉप और डेस्कटॉप बनाने की लागत बढ़ गई है। नतीजतन कंपनियों को डिवाइस की कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं, जिसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ रहा है।
असर
कीमत बढ़ने से बाजार पर असर
कीमतों में बढ़ोतरी का असर कंप्यूटर बाजार की मांग पर भी पड़ सकता है। मार्केट रिसर्च कंपनियों IDC और काउंटरपॉइंट के मुताबिक, 2025 में PC बाजार ने अच्छा प्रदर्शन किया था और करीब 1.59 करोड़ यूनिट की बिक्री हुई थी। लेकिन 2026 में मांग कमजोर पड़ सकती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस साल PC और लैपटॉप की बिक्री में लगभग 7-8 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है, क्योंकि ज्यादा कीमतें लोगों को खरीदारी से रोक सकती हैं।
योजनाएं
कंपनियां दे रही ऑफर और नई योजनाएं
बढ़ती कीमतों के बीच कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रही हैं। कई ब्रांड नए कॉन्फिगरेशन वाले मॉडल ला रहे हैं और प्रमोशनल ऑफर के साथ फाइनेंस स्कीम दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ ग्राहक भविष्य में और ज्यादा कीमत बढ़ने से पहले ही डिवाइस खरीद रहे हैं। हालांकि, कंपोनेंट्स की कीमतों में कमी आने में समय लग सकता है और अगले कुछ समय तक बाजार पर इसका असर बना रह सकता है।