जापान पर महंगाई का शिकंजा कसते ही BOJ लिया यह फैसला
कमजोर येन, महंगे आयात और आपूर्ति में आ रही दिक्कतों की वजह से जापान में कीमतें पहले से ज्यादा अप्रत्याशित होती जा रही हैं।
मई में मौद्रिक नीति पर हुई एक कॉन्फ्रेंस में बैंक के कार्यकारी निदेशक कोजी नाकामुरा ने बताया कि ये सारे कारण महंगाई के बारे में लोगों की सोच और सेंट्रल बैंक के अगले कदमों को तेजी से बदल सकते हैं।
ईंधन की बढ़ती कीमतों और येन के लगातार कमजोर होने से असल चिंता यह है कि महंगाई बैंक ऑफ जापान (BOJ) के 2 फीसदी के तय लक्ष्य को भी पार कर सकती है।
BOJ ने मुख्य दर बढ़ाकर 1 फीसदी की
इन दबावों से निपटने के लिए जापान के सेंट्रल बैंक ने जून में अपनी मुख्य ब्याज दर को बढ़ाकर एक फीसदी कर दिया है।
यह पिछले 30 सालों में सबसे ज्यादा है। यह केवल आज की स्थिति नहीं है, बल्कि सेंट्रल बैंक लंबी अवधि के बदलावों पर भी नजर रख रहा है, जैसे कि मजदूरों की कमी के कारण मजदूरी में बढ़ोतरी होना।
केवल जापान ही नहीं दूसरे बड़े देश भी महंगाई के बढ़ते दबाव के बीच अपनी ब्याज दरों की फिर से समीक्षा कर रहे हैं।