गोल्ड लोन लेने से पहले रहें सावधान, वरना हो सकता है नुकसान
क्या है खबर?
कई बार लोग पैसों की जरूरत पड़ने पर गोल्ड लोन का विकल्प चुनते हैं, जिसे पाना काफी आसान है। बैंक या फाइनेंस कंपनी बस कुछ घंटों की कागजी कार्रवाई के बाद आपको पैसे दे देती हैं। यह लोन आसान है, लेकिन इसे लेने से पहले उतनी ही सावधानी बरतनी चाहिए। अनदेखी करने से यह फायदे की जगह नुकसान का सौदा बन सकता है। आइये जानते है गोल्ड लोन लेने से पहले आपको किन बातों का ध्यान रखने की जरूरत है।
गोल्ड लोन
कैसे काम करता है गोल्ड लोन?
जब आप अपने गहने बैंक में ले जाते हैं तो बैंक उनकी शुद्धता और वजन जांचता है। इसके बाद सोने की मौजूदा कीमत के आधार पर गोल्ड लोन राशि तय की जाती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुताबिक, सोने की जितनी कीमत होगी, उसका अधिकतम 75 फीसदी ही गोल्ड लोन के रूप में मिल सकता है। इसे 'लोन-टू-वैल्यू' (LTV) रेशियो कहते हैं। इस लोन की अवधि 3-12 महीने के बीच होती है। यह ब्याज दर को प्रभावित करता है।
विकल्प
लोन चुकाने के मिलते हैं 2 विकल्प
गोल्ड लोन पर ब्याज दरें आमतौर पर 8 से 15 फीसदी के बीच होती हैं। इसे चुकाने के 2 तरीके हैं। इसमें एक EMI विकल्प है, जिसमें आप हर महीने मूलधन और ब्याज दोनों चुकाते हैं। दूसरा बुलेट पेमेंट विकल्प है, जिसमें आप हर महीने सिर्फ ब्याज देते हैं और गोल्ड लोन की अवधि खत्म होने पर पूरी मूल रकम एक साथ चुकाते हैं। यह विकल्प आसान लगता है, लेकिन अंत में बड़ी रकम का इंतजाम करना मुश्किल होता है।
सावधानी
इन बातों का रखें ध्यान
नीलामी का खतरा: यह सिक्योर्ड लोन है। इसका मतलब है कि अगर, आप समय पर पैसा नहीं चुकाते तो बैंक को आपके गहने नीलाम करने का कानूनी अधिकार है। कीमतों में उतार-चढ़ाव: सोने की कीमत अचानक गिर जाती है तो बैंक आपसे अतिरिक्त सोना जमा करने या लोन की कुछ राशि तुरंत चुकाने की मांग कर सकता है। हिडन चार्ज: ब्याज दर के अलावा प्रोसेसिंग फीस, गोल्ड वैल्यूएशन चार्ज और देरी से भुगतान पर लगने वाले जुर्माने की जानकारी लें।