SIP शुरू या बंद करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान, जबरदस्त मिलेगा रिटर्न
क्या है खबर?
सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) भारतीयों निवेशकों द्वारा म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने के सबसे लोकप्रिय तरीकों में से एक है। SIP को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए डिजाइन किया गया है, लेकिन यह समझना कि जरूरी है कि यह कैसे काम करता है।यह आपके दीर्घकालिक रिटर्न और निवेश अनुभव पर प्रभाव डाल सकता है। आइये जानते हैं वे बातें, जिन पर आपको SIP शुरू करने या बंद करने से पहले ध्यान देने की जरूरत है।
जोखिम
SIP से खत्म नहीं होता बाजार का जोखिम
जोखिम का डर: SIP में निवेश का जोखिम रहता है और रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती है। इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का खतरा रहता है। बड़ी रकम नहीं जरूरी: आप इसमें मात्र 500 रुपये प्रति माह से निवेश शुरू कर सकते हैं और अपनी आय बढ़ने के साथ-साथ धीरे-धीरे राशि बढ़ा सकते हैं। अगर, पैसों की कमी हो रही है तो आप बिना किसी जुर्माने के किश्तें रोक सकते हैं या छोड़ सकते हैं।
चक्रवृद्धि ब्याज
चक्रवृद्धि ब्याज से होता है जबरदस्त फायदा
चक्रवृद्धि ब्याज का कमाल: SIP को समय देने पर ही सबसे अच्छा परिणाम मिलता है। इसकी असली ताकत चक्रवृद्धि ब्याज है, जहां आपके रिटर्न पर भी ब्याज मिलता है। उतार-चढ़ाव का फायदा: बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान SIP स्कीम्स कारगर साबित होती हैं। अक्सर इसे जोखिम के रूप में देखा जाता है, लेकिन कई बार निवेशको को इससे फायदा हो सकता है। इससे बाजार में सुधार होने पर रिटर्न बेहतर हो सकता है।
समय
नियमित निवेश करना जरूरी
नियमित निवेश: यह तत्काल लाभ नहीं देता है। इसमें धैर्य रखते हुए नियमित निवेश का फायदा होता है और बड़ा कोष बना सकते हैं। अनुमान लगाए बिना निवेश: बाजार के उतार-चढ़ाव का सटीक अनुमान लगाना लगभग असंभव है। SIP विभिन्न बाजार स्तरों पर निवेश को फैलाकर जोखिम कम करता है। रिटर्न में बढ़ोतरी: स्टेप-अप SIP में आप धीरे-धीरे निवेश बढ़ाते हैं। हर साल थोड़ा-थोड़ा पैसा बढ़ाकर आप खर्चों पर दबाव डाले बिना बड़ी धनराशि जमा कर सकते हैं।