रियल एस्टेट में पारदर्शिता लाने में भारत ने किए सबसे तेज सुधार
भारत का रियल एस्टेट सेक्टर अब काफी पारदर्शी होता जा रहा है, जिससे बड़े अंतरराष्ट्रीय निवेशक इसकी तरफ आकर्षित हो रहे हैं।
JLL के 2026 ग्लोबल रियल एस्टेट ट्रांसपेरेंसी इंडेक्स के मुताबिक, भारत ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे ज्यादा सुधार करने वाले बाजारों की सूची में पहला स्थान हासिल किया।
पिछले 2 सालों में दुनियाभर में सबसे ज्यादा सुधार करने वाले 5 देशों में भारत भी शामिल रहा। यह बदलाव देश में 8.1 अरब डॉलर (करीब 750 अरब रुपये) के क्रॉस-बॉर्डर निवेश के साथ मेल खाता है, जो पिछले 20 सालों का सबसे ऊंचा स्तर है।
डिजिटल विस्तार की जरूरत
कुछ चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं। नियम-कानून हमेशा एक जैसे नहीं होते और GIS आधारित डिजिटाइजेशन और ड्रोन मैपिंग जैसी टेक्नोलॉजी को अभी पायलट शहरों से आगे बढ़कर बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने की जरूरत है। JLL का कहना है कि डिजिटल साधनों का विस्तार करना और संपत्ति से जुड़े डाटा को हर जगह आसानी से उपलब्ध कराना बहुत जरूरी है। ऐसा करने से भारत को मिले बेहतर स्कोर को और अच्छी रैंकिंग में बदला जा सकेगा।