जियो के IPO में अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेगी गूगल-मेटा
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स भारत के सबसे बड़े आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) में से एक लाने की तैयारी में है। इसमें 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे।
इस IPO से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी अपना कर्ज चुकाने और अन्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी।
खास बात यह है कि गूगल और मेटा जैसे बड़े वैश्विक निवेशक इस IPO में अपने शेयर नहीं बेच रहे हैं, बल्कि उन्हें अपने पास ही बनाए रखेंगे।
किस कंपनी की कितनी हिस्सेदारी?
मेटा के पास 'जादू होल्डिंग्स' के जरिए जियो प्लेटफॉर्म्स में करीब 10 फीसदी हिस्सेदारी है, वहीं गूगल के पास लगभग 8 फीसदी हिस्सा है। इसके साथ ही सऊदी अरब का PIF और KKR जैसे बड़े निवेशक भी इसमें शामिल हैं।
31 मार्च तक के आंकड़ों के अनुसार, जियो भारत के वायरलेस ब्रॉडबैंड मार्केट में लगभग आधी हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे है। कंपनी की वित्तीय स्थिति भी काफी मजबूत है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने 30,064 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है, जबकि उसका राजस्व 1.47 लाख करोड़ रुपये रहा।