जियो क्लाउड और AI के क्षेत्र में लगा रही दांव, बनाएगी खुद का टेक स्टैक
जियो प्लेटफॉर्म्स अब केवल टेलीकॉम कंपनी नहीं रही, बल्कि एक बड़ी वैश्विक टेक दिग्गज के रूप में सामने आ रही है। कंपनी 5G, क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर जैसे क्षेत्रों में बड़े कदम उठा रही है।
जियो अपना खुद का टेक्नोलॉजी सिस्टम (टेक स्टैक) तैयार कर रही है, जिससे नवाचार बढ़ेगा और काम में ज्यादा तेजी आएगी। भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2031 तक 1,400 अरब डॉलर (करीब 1.3 लाख अरब रुपये) तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में जियो इस बढ़ते बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी में है।
सस्ते AI टोकन उपलब्ध कराने की योजना
जियो AI पर पूरा ध्यान दे रही है। कंपनी की योजना है कि AI टोकन को उतना ही सस्ता और आसानी से उपलब्ध कराया जाए, जितना उसने पहले मोबाइल और वॉयस डाटा को किया था।
इसके साथ ही, एज डाटा सेंटर का इस्तेमाल करके जियो 7 लेयर वाला एक इंटेलिजेंस आर्किटेक्चर भी बनाएगी, ताकि काम और भी सुचारु ढंग से चल सके।
कंपनी जामनगर में 1 गीगावॉट (GW) के ग्रीन डाटा सेंटर रोडमैप जैसे प्रोजेक्ट्स में भी पैसा लगा रही है। इसका मकसद है कि उसे पारंपरिक क्लाउड कंपनियों पर कम निर्भर रहना पड़े।
इन सब कदमों से जियो एक भारतीय नियोक्लाउड कंपनी के तौर पर अपनी जगह बना सकती है। कंपनी की कंटेंट, कॉमर्स सेवाएं और क्लाउड मिलकर उसके इंफ्रास्ट्रक्चर के इर्द-गिर्द कमाई का एक पूरा सिस्टम तैयार कर सकते हैं।