जेपी मॉर्गन का अगले साल AI पर खर्च 1,000 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर खर्च तेजी से बढ़ रहा है। जेपी मॉर्गन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जेमी डिमोन ने कहा है कि अगले साल AI में निवेश 1,000 अरब डॉलर (करीब 95,000 अरब रुपये) तक पहुंच सकता है।
पिछले साल यह करीब 300 अरब डॉलर (करीब 28,500 अरब रुपये) था। अब यह पहले ही लगभग 700 अरब डॉलर (करीब 66,500 अरब रुपये) हो चुका है।
तांबे की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई
डिमोन का कहना है कि AI केवल मुनाफा बढ़ाने तक ही सीमित नहीं है। यह ग्राहकों के अनुभव को भी बेहतर बना रहा है, लेकिन इस सारी तरक्की का एक और बड़ा असर भी है।
जब कंपनियां ज्यादा लोगों को काम पर रखती हैं और नया इंफ्रास्ट्रक्चर बनाती हैं तो तांबे जैसे कच्चे माल की मांग बढ़ जाती है। इससे लागत का दबाव बढ़ सकता है, जिससे महंगाई और बढ़ सकती है।
फिर भी, उनका मानना है कि समय के साथ AI से मिलने वाली उत्पादकता बढ़ने से महंगाई कम हो सकती है, भले ही इन वजहों से ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहें।
इसके अलावा, अगले 5 से 10 सालों में उम्मीद है कि नए टेक प्लेयर्स इस सेक्टर में बड़ा बदलाव लाएंगे।