अमेरिका-ईरान के बीच शांति की उम्मीद से ऊपर चढ़े एशियाई शेयर बाजार
मंगलवार को मध्यस्थता के प्रयासों से समाधान की उम्मीद बढ़ने के बाद एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली, जिससे तेल की कीमतें भी नीचे आईं। दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 3 फीसदी उछला और जापान का निक्केई 1 फीसदी से ज्यादा बढ़ा।
ब्रेंट क्रूड सोमवार के 91.42 डॉलर (करीब 8,700 रुपये) के उच्च स्तर से गिरकर 88.88 डॉलर (करीब 8,400 रुपये) प्रति बैरल पर आ गया।
एक तरफ जहां ईरान को 10 दिन के युद्धविराम का प्रस्ताव मिला है, वहीं दूसरी ओर यमन के हूती विद्रोही सऊदी अरब के बंदरगाहों को बंद करने की धमकी दे रहे हैं। इन सबके बीच ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं।
निवेशक की अल्फाबेट और इंटेल की आय रिपोर्ट पर निगाहें
बाजारों में स्थिरता आने के बाद अब निवेशक अल्फाबेट और इंटेल जैसी बड़ी टेक कंपनियों की आय रिपोर्ट पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।
खासकर तब जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं। सैमसंग और ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) के मजबूत आंकड़े आने के बावजूद HSBC के फ्रेड न्यूमैन जैसे विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि बढ़ती ऊर्जा लागत और ब्याज दरें AI हार्डवेयर कंपनियों के लिए आगे चलकर मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं।