करोड़ों का घाटा लगने बावजूद इंडिगो के शेयरों ने लगाई 5 फीसदी की छलांग
इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन को मार्च तिमाही में 2,537 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। इसकी सबसे बड़ी वजह विदेशी मुद्रा में हुए नुकसान को बताया जा रहा है। हालांकि, निवेशकों पर इसका कोई खास असर नहीं दिखा। सोमवार (1 जून) को इंडिगो के शेयरों में 5 फीसदी का उछाल आया और वे 4,528 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।
वित्तीय घाटा होने के बावजूद एयरलाइंस के मजबूत कारोबारी प्रदर्शन से निवेशकों का भरोसा कायम रहा।
22,438 करोड़ रुपये का जुटाया राजस्व
ईंधन की बढ़ती कीमतों और वैश्विक चुनौतियों के बावजूद इंडिगो ने पिछली तिमाही में 22,438 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया। इसी के साथ कंपनी ने भारत के एयरलाइन बाजार में अपना शीर्ष स्थान भी बरकरार रखा।
कंपनी नए विमान इंजनों और अन्य संपत्तियों में 45 करोड़ डॉलर (करीब 4,100 करोड़ रुपये) का निवेश करने की योजना बना रही है, जिससे उसकी वृद्धि को और बढ़ावा मिल सके।
विश्लेषकों का कहना है कि विदेशी मुद्रा में हुआ यह नुकसान सिर्फ एक अस्थायी झटका है। यात्रियों की बढ़ती मांग और इंडिगो के लगातार बढ़ रहे अंतरराष्ट्रीय मार्गों को देखते हुए उन्हें जल्द ही हालात सुधरने की उम्मीद है।