इंफोसिस ने एक लाख कर्मचारियों को AI भूमिका में लगाया
इंफोसिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने लगभग एक लाख कर्मचारियों को खास AI भूमिकाओं में शिफ्ट कर दिया है।
यह उसके कुल कार्यबल का करीब एक-तिहाई हिस्सा है। कंपनी का कहना है कि यह फैसला पारंपरिक हेडकाउंट-आधारित प्राइसिंग और बिलिंग मॉडल पर बढ़ रहे दबाव की वजह से लिया गया है।
दरअसल, प्रोजेक्ट में कर्मचारियों की संख्या के हिसाब से बिलिंग के पुराने तरीके से अब वैश्विक बाजार में मुनाफा कमाना मुश्किल हो रहा है। इसलिए कंपनी ने अपनी रणनीति में यह बड़ा बदलाव किया है।
फ्रंटियर इंजीनियर्स की टीम बनाई
इंफोसिस ने अपनी अहम टीम बनाने के लिए 6,000 फ्रंटियर इंजीनियर्स का एक कोर ग्रुप तैयार किया है। साथ ही, कंपनी अपने ज्यादातर कर्मचारियों को AI कौशल का प्रशिक्षण दे चुकी है। इस वैश्विक प्रतियोगिता में टिके रहने के लिए वे देश के बड़े संस्थानों और अमेरिकी यूनिवर्सिटीज से भी प्रतिभाओं को भर्ती कर रहे हैं।
दूसरी तरफ, इसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) है, जहां AI की वजह से भर्ती की रफ्तार धीमी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसके ठीक उलट कंपनी ने अपने विकास की गति को बनाए रखने का फैसला किया है। वह फिलहाल अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दे रही है और किसी भी तरह की छंटनी की कोई योजना नहीं है।