अमेरिका में लंबे समय तक बनी रह सकती है महंगाई
बिज़नेस
अमेरिका में महंगाई उम्मीद से ज्यादा समय तक बनी हुई है, वहीं मध्य पूर्व में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर (करीब 9,500 रुपये) प्रति बैरल के पार निकल गई हैं।
बढ़ती कीमतों के बीच अब सबकी नजरें फेडरल रिजर्व की 15-16 सितंबर को होने वाली बैठक पर टिकी हैं। कई जानकारों का मानना है कि इस बैठक में फेड ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर सकता है।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी का अनुमान
गोल्डमैन सैक्स और जेपी मॉर्गन जैसे बड़े बैंक भी अब ब्याज दरें बढ़ने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई और ऊर्जा की ऊंची कीमतें ही इसकी वजह हैं।
फेड चाहता है कि महंगाई दर 2 प्रतिशत पर बनी रहे, लेकिन ब्याज दरें बढ़ाने से अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। ऐसे में फेड के अगले कदम पर काफी दबाव है और इस पर सबकी करीबी नजर रहेगी।