इंडिगो को बाजार मूल्यांकन में 36,000 करोड़ रुपये का घाटा, 2 लाख करोड़ से नीचे लुढ़का
क्या है खबर?
इंडिगो का परिचालन गड़बड़ाने का असर इसकी मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड के बाजार मूल्यांकन पर पड़ रहा है। यह स्टॉक अब लगातार 7 दिनों से गिरावट के दौर में है और इस अवधि में इसका बाजार मूल्य लगभग 36,000 करोड़ रुपये घट गया है। इससे उसका मूल्यांकन 2 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गया है। अक्टूबर, 2024 के बाद सोमवार (8 दिसंबर) को शेयर में सबसे ज्यादा 8 फीसदी तक की गिरावट दर्ज हुई है।
संकट
20 साल में बड़े संकट से घिरी कंपनी
इंटरग्लोब एविएशन के शेयर में 27 नवंबर से अब तक 15 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है, जिसकी वजह इंडिगो के 20 साल के इतिहास में सबसे बुरा संकट है, जिसमें बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द हुई हैं। इन्वेस्टेक ने 4,040 रुपये के मूल्य लक्ष्य के साथ स्टॉक पर अपनी 'सेल' रेटिंग बनाए रखी, लेकिन चेतावनी दी कि वित्त वर्ष 2026 की कमजोर पहली छमाही के बाद मजबूत तीसरी तिमाही की रिकवरी की उम्मीद कम हो रही है।
लागत
बढ़ गया लागत का बोझ
ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि विमानन टरबाइन ईंधन की कीमतों में तिमाही आधार पर 6 फीसदी की वृद्धि हुई है, जबकि रुपया डाॅलर के मुकाबले अपने सबसे निचले स्तर 90 पर आ गया है, जिससे एयरलाइन पर लागत का बोझ बढ़ गया है। इंडिगो को 10 फरवरी, 2026 तक नए ड्यूटी-टाइम मानदंडों का पालन करना होगा, जिसके लिए प्रति विमान लगभग 20 फीसदी अधिक पायलट्स की आवश्यकता हो सकती है। इससे लागत लगभग 0.10 रुपये/उपलब्ध सीट किलोमीटर बढ़ सकती है।