इंडिगो को 1,180 करोड़ रुपये के नुकसान का खतरा, जानिए क्या है मामला
क्या है खबर?
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने दिसंबर, 2025 में बड़े पैमाने पर उड़ान व्यवधान के मामले में इंडिगो के खिलाफ अपना अंतिम प्रवर्तन आदेश जारी किया। इसमें एयरलाइन की कुल वित्तीय देनदारी 1,180 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है, जिसमें जुर्माना, यात्री मुआवजा, रिफंड और अनुपालन से जुड़े सुरक्षा उपाय शामिल हैं। एयरलाइन पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है, जिसमें फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के उल्लंघन और प्रणालीगत खामियों का हवाला दिया गया है।
जुर्माना
जुर्माने के अलावा देनी होगी बैंक गारंटी
आदेश के तहत, DGCA की ओर से लगाए गए जुर्माने में 1.80 करोड़ रुपये का एकमुश्त प्रणालीगत जुर्माना और 68 दिनों से अधिक समय तक लगातार नियमों का पालन न करने के लिए 20.40 करोड़ रुपये वसूले जाएंगे। जुर्माने के अलावा नियामक ने एयरलाइन को इंडिगो सिस्टमैटिक रिफॉर्म एश्योरेंस स्कीम (ISRAS) के तहत 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी देने का निर्देश दिया है। यह गारंटी DGCA द्वारा अनिवार्य सुधारों के अनुपालन की पुष्टि के बाद ही वापस की जाएगी।
रिफंड
रिफंड पर होगा सबसे ज्यादा खर्चा
इस नुकसान का सबसे बड़ा हिस्सा यात्रियों से जुड़े खर्चों से संबंधित है। इंडिगो ने कहा है कि वह उन यात्रियों को 500 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा देगी, जिनकी उड़ानें प्रस्थान के 24 घंटे के भीतर रद्द कर दी गईं। एयरलाइन उन यात्रियों को 10,000 रुपये का अतिरिक्त 'जेस्चर ऑफ केयर' वाउचर देगी, जिनकी उड़ान 3-5 दिसंबर, 2025 के बीच रद्द या 3 घंटे से अधिक लेट हुई है। यह वाउचर 12 महीने के लिए वैध होगा।