भारतीय विनिर्माण ने छुआ 3 महीने का उच्चतम स्तर, जानिए क्या रही वजह
सोमवार (1 जून) को जारी एक मासिक सर्वेक्षण के अनुसार, मुद्रास्फीति के दबाव के बावजूद मांग में मजबूती, बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और नए कारोबार में हुई वृद्धि के कारण भारत के विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधि में मई में 3 महीने के उच्चतम स्तर पर वृद्धि दर्ज की गई।
HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) मई में 55.0 रहा, जो अप्रैल के 54.7 के आंकड़े से अधिक है, जो 3 महीनों में इस क्षेत्र में सबसे मजबूत सुधार का संकेत देता है।
नए ऑर्डर में उछाल
नए ऑर्डरों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। हालाकि, कंज्यूमर गुड्स की रफ्तार थोड़ी धीमी रही। सिविल इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स और प्रतिस्पर्धी कीमतों की वजह से कामकाज में तेजी देखने को मिली, वहीं निर्यात ऑर्डर भी लगातार मजबूती से बढ़ रहे थे। ऊर्जा और परिवहन की बढ़ती लागत के बावजूद कंपनियों ने ज्यादा कच्चा माल खरीदा और कर्मचारियों की भर्ती भी जारी रखी।
निर्माताओं की उम्मीदें अभी भी बरकरार
निर्माता अब भी भविष्य के लिए आशावादी हैं, भले ही उनका भरोसा फरवरी के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। 50 से ऊपर का स्थिर PMI इस क्षेत्र की मजबूती को दर्शाता है, लेकिन धीमे निर्यात और कम सकारात्मक दृष्टिकोण के कारण आगे चलकर विकास में कुछ अड़चनें आ सकती हैं।