पहली तिमाही में आर्थिक विकास दर 7.1 फीसदी तक रहने का अनुमान
भारत की आर्थिक बढ़त अप्रैल-जून की तिमाही में 7.1 फीसदी तक धीमी होने की संभावना है। पिछली तिमाही में यह 7.8 फीसदी थी, जिसमें अब कमी आने का अनुमान है।
इस गिरावट की मुख्य वजह निजी निवेश में कमी को माना जा रहा है। हालांकि, लोग अभी भी खर्च कर रहे हैं और सरकार भी लगातार पैसा लगा रही है।
आधिकारिक आंकड़े 31 अगस्त को जारी किए जाएंगे और विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह दर 6.2 से 8 फीसदी के दायरे में रह सकती है।
6.5 फीसदी तक गिर सकती है विकास दर
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, जो फिलहाल 90 डॉलर (8,550 रुपये) प्रति बैरल से ज्यादा हैं और रुपये का कमजोर होना आम परिवारों और कारोबारों के लिए मुश्किलों भरा हो सकता है।
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आने वाले महीनों में आर्थिक विकास दर और धीमी होकर करीब 6.5 फीसदी रह जाएगी। फिर भी, अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं तो भारत इस वित्तीय वर्ष में भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। पूरे साल के लिए औसत विकास दर लगभग 6.7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।