भारत ने वित्त वर्ष 2026 किया रिकॉर्ड निर्यात, 10 सालों में हुआ दोगुना
भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में 863 अरब डॉलर (करीब 82,000 अरब रुपये) का रिकॉर्ड निर्यात दर्ज किया, जो साल 2014-15 के मुकाबले लगभग दोगुना है।
इस रिकॉर्ड को हासिल करने में वस्तुओं और सेवाओं दोनों की अहम भूमिका रही है। जहां वस्तुओं का निर्यात 442 अरब डॉलर (करीब 42,000 अरब रुपये) तक पहुंचा, वहीं सेवाओं का निर्यात 421 अरब डॉलर (करीब 40,000 अरब रुपये) के नए शिखर पर पहुंच गया। गैर-पेट्रोलियम निर्यात में भी मजबूत बढ़ोतरी देखी गई है। यह दर्शाता है कि भारत का निर्यात अब ज्यादा विविध होता जा रहा है।
व्यापारिक समझौतों ने दिया बढ़ावा
भारत- भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संगठन (EFTA) आर्थिक साझेदारी समझौता (TEPA) और भारत-यूरोपीय यूनियन मुक्त व्यापार समझौता (FTA) जैसे बड़े व्यापारिक समझौतों ने टैरिफ (आयात शुल्क) कम करके और निवेश बढ़ाकर नए अवसर पैदा किए हैं।
पंजाब और हरियाणा जैसे राज्य भी कृषि, कपड़ा, इंजीनियरिंग और दवा जैसे क्षेत्रों से निर्यात बढ़ाने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इससे आने वाले समय में निर्यात में और भी उछाल आने की उम्मीद है।