भारत के इंजीनियरिंग निर्यात में आया जबरदस्त उछाल, चीन में 82 फीसदी बढ़ा
इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट्स प्रमोशन काउंसिल (EEPC) के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में भारत के इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट्स 10.35 अरब डॉलर (करीब 950 अरब रुपये) तक पहुंच गए हैं।
पिछले साल के मुकाबले इनमें 8.8 फीसदी की बढत दर्ज की गई है। इस महीने हुए कुल माल निर्यात में इन सामानों का हिस्सा करीब एक चौथाई रहा।
इस बढोतरी का मुख्य कारण उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) से मिलने वाली मजबूत मांग है। हालांकि, कुछ एशियाई और मध्य पूर्वी देशों में चल रहे क्षेत्रीय विवादों की वजह से इन क्षेत्रों में निर्यात में कमी आई।
चीन को निर्यात में बढोतरी
चीन को होने वाले भारत के निर्यात में 82 फीसदी की बढोतरी दर्ज की गई है, जिसके साथ यह 30.10 करोड़ डॉलर (करीब 2,800 करोड़ रुपये) तक पहुंच गया। इसी तरह उत्तरी अमेरिका में 7.1 फीसदी की बढत देखी गई, वहीं यूरोपीय संघ में यह उछाल 13 फीसदी का रहा।
एल्युमीनियम (38 फीसदी की बढत), कॉपर (80 फीसदी की बढत), इलेक्ट्रिक मशीनरी और ऑटो पार्ट्स जैसे क्षेत्रों ने इस दौरान शानदार प्रदर्शन किया। कुल मिलाकर, ज्यादातर इंजीनियरिंग उत्पाद श्रेणियों में वृद्धि दर्ज की गई।
ओमान की तरफ निर्यात व्यापार में तेजी
ओमान के साथ भारत के निर्यात व्यापार में अब तेजी देखने को मिल रही है। इसकी एक बडी वजह भारत-ओमान व्यापार समझौता (CEPA) है, जो 1 जून से लागू होने वाला है। इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापारिक लेन-देन और भी आसान हो जाएगा।