पहली तिमाही में देश के चालू खाता घाटा में हुई बढ़ोतरी
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बताया है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में भारत का चालू खाता घाटा यानि करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) बढ़कर 3.1 अरब डॉलर (करीब 295 अरब रुपये) हो गया।
पिछले साल इसी तिमाही में यह 2.9 अरब डॉलर (करीब 275 अरब रुपये) था। देश का बढ़ता व्यापार घाटा इसकी सबसे बड़ी वजह रही।
पश्चिम एशिया में चल रहे संकट की वजह से तेल, गैस और खेती के सामानों का आयात काफी बढ़ गया। इसी कारण व्यापार घाटा 68.9 अरब डॉलर (करीब 6,500 अरब रुपये) से बढ़कर 85.7 अरब डॉलर (करीब 8,100 अरब रुपये) तक पहुंच गया।
सेवाओं का सरप्लस और रेमिटेंस ने CAD को संभाला
कुल सेवाओं से 52.2 अरब डॉलर (करीब 4,900 अरब रुपये) का एक मजबूत सरप्लस मिला, वहीं रेमिटेंस भी पिछले साल के 30.9 अरब डॉलर (करीब 2,900 अरब रुपये) के मुकाबले बढ़कर 41.4 अरब डॉलर (करीब 3,900 अरब रुपये) पर पहुंच गया। इन दोनों ने मिलकर CAD पर पड़ने वाले बोझ को थोड़ा कम किया।
दूसरी तरफ, जहां पिछले साल कैपिटल अकाउंट फायदे में था, वहीं इस बार यह 5 अरब डॉलर (करीब 475 अरब रुपये) के घाटे में आ गया।
हालांकि, फॉरेन डायरेक्ट इंवेस्टमेंट (FDI) 7.8 अरब डॉलर (करीब 740 अरब रुपये) पर पहुंच गया, जो बीती 9 तिमाहियों में सबसे ज्यादा है। इसने मुश्किल दौर में देश की अर्थव्यवस्था को कुछ सहारा दिया।