10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड बढ़कर 7.02 फीसदी तक पहुंची, जानिए क्या है कारण
भारतीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड में कुछ उछाल आया है। इसकी मुख्य वजह तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव हें। लेबनान में इजरायल के हमलों के बाद 10 वर्षीय यील्ड बढ़कर 7.02 फीसदी तक पहुंच गई है।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बावजूद बड़े शांति समझौते की दिशा में अभी तक खास प्रगति नहीं दिख रही है। जब बॉन्ड की यील्ड ऊपर जाती है तो इसका सीधा मतलब होता है कि उसकी कीमतें गिर रही हें।
निवेशकों की नजर RBI की समीक्षा बैठक पर
ब्रेंट क्रूड अब 93 डॉलर (करीब 8,650 रुपये) प्रति बैरल के पार जा पहुंचा है, जिसके चलते निवेशक और भी सावधान हो गए हें। सभी की निगाहें 5 जून को होने वाली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की अहम नीतिगत बैठक पर टिकी हैं।
ज्यादातर विशेषज्ञों का मानना है कि रेपो रेट 5.25 फीसदी पर ही बना रहेगा, लेकिन कुछ लोग यह भी मान रहे हैं कि महंगे तेल के कारण बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए रेपो रेट में बढ़ोतरी की जा सकती है।