अमेरिकी-ईरान शांति समझौते से बॉन्ड यील्ड मार्च के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंचा
भारत के 10 साल वाले सरकारी बॉन्ड का यील्ड सोमवार (15 जून) को मार्च के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।
इसकी वजह अमेरिकी और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी थी। तेल के दाम गिरने से ऊर्जा आपूर्ति में बाधा आने की चिंताएं घटीं, जिससे निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है।
विदेशी निवेशकों ने किया 155.5 अरब रुपये का निवेश
व्यापारियों का मानना है कि इस सप्ताह यील्ड 6.85 से 6.95 फीसदी के दायरे में स्थिर बना रहेगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि सभी की नजरें कच्चे तेल के दामों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।
रुपये को भी अच्छी मजबूती मिली। यह डॉलर के मुकाबले 94.68 के स्तर पर खुला, जो मई की शुरुआत के बाद से सबसे मजबूत स्तर है।
विदेशी निवेशकों ने हाल ही में भारतीय बॉन्ड में 155.5 अरब रुपये का बड़ा निवेश किया है। इसके अलावा, बैंकों और सरकारी कंपनियों को विदेशों से फंड जुटाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए नियमों ने भी बाजार में और भरोसा जगाया है।