भारतीय प्रोडक्ट मैनेजर्स के लिए क्यों जरूरी हो गया AI सीखना?
भारतीय प्रोडक्ट मैनेजर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की योग्यताएं सीखने में जुटे हुए हैं। इसके पीछे नौकरी खोने का डर नहीं है, बल्कि उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि कहीं वे अपने उन साथियों से पिछड़ न जाएं, जो पहले से AI का इस्तेमाल करना जानते हैं। यह क्षेत्र तेजी से बदल रहा है] ऐसे में AI के साथ तालमेल बिठाना अब एक जरूरी योग्यता बनती जा रही है।
प्रोडक्ट मैनेजमेंट बना दिया आसान
AI ने प्रोडक्ट मैनेजमेंट को पहले से ज्यादा गतिशील बना दिया है। अब मैनेजर्स ऐसे प्रोडक्ट्स पर काम कर रहे हैं, जो AI से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर लगातार बेहतर हो रहे हैं।
यही नहीं, AI टूल्स की मदद से आइडिया पर काम करना, ग्राहकों पर रिसर्च करना और प्रोटोटाइप बनाना जैसे शुरुआती काम अब तेजी से हो रहे हैं। इससे कंपनियां बेहतर प्रोडक्ट्स कम समय में लॉन्च कर पा रही हैं।
प्रोडक्ट मैनेजर्स को AI डाटा समझ जरूरी
इस दौड़ में आगे रहने के लिए प्रोडक्ट मैनेजर्स को AI डाटा साक्षरता की गहरी समझ होनी जरूरी है। उन्हें डाटा को समझना होगा, AI से मिले नतीजो को जिम्मेदारी से जांचना होगा और यह भी देखना होगा कि इसका ग्राहकों और कारोबारी लक्ष्यों पर क्या असर पड़ता है। तकनीकी और बिजनेस टीमों के साथ मिलकर काम करने की क्षमता भी बेहद अहम है क्योंकि कंपनियां अब भर्ती या पदोन्नति के लिए ऐसी ही योग्यताओं को प्राथमिकता दे रही हैं। अगर, कोई AI की ये योग्यताएं नहीं सीखता तो इस बदलते परिदृश्य में पीछे छूट जाने का जोखिम है।