भारतीय पासपोर्ट रैंकिंग खिसककर 78वें स्थान पर पहुंचा, इतने देशों में जा सकते हैं बिना वीजा
क्या है खबर?
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स की नई सूची में भारतीय पासपोर्ट 78वें स्थान पर पहुंच गया है। इससे पहले फरवरी 2026 में भारत 75वें नंबर पर था। यानी भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में तीन स्थान की गिरावट दर्ज हुई है। यह इंडेक्स दुनिया के 199 देशों और 277 यात्रा स्थलों के आंकड़ों के आधार पर तैयार किया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक तनाव और अंतरराष्ट्रीय हालात का असर कई देशों की पासपोर्ट ताकत पर पड़ा है, जिसमें भारत भी शामिल है।
यात्रा
भारतीय नागरिक 56 देशों में कर सकते हैं यात्रा
रैंकिंग गिरने के बावजूद भारतीय पासपोर्ट धारक अभी भी 56 देशों में आसान यात्रा कर सकते हैं। इनमें वीजा-फ्री, वीजा ऑन अराइवल और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल अनुमति जैसी सुविधाएं शामिल हैं। भारतीय नागरिक बिना पहले वीजा लिए भूटान, नेपाल, मलेशिया, थाईलैंड, मॉरीशस और फिलीपींस जैसे करीब 30 देशों में जा सकते हैं। वहीं मालदीव, श्रीलंका, इंडोनेशिया, कतर और कंबोडिया समेत कई देशों में पहुंचने के बाद वीजा लेने की सुविधा उपलब्ध है।
सुविधा
कई देशों में ऑनलाइन मंजूरी की सुविधा
कुछ देशों में भारतीय यात्रियों को इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन यानी ऑनलाइन यात्रा अनुमति की सुविधा भी मिलती है। इसके तहत पहले से ऑनलाइन मंजूरी लेनी होती है, लेकिन पासपोर्ट पर अलग वीजा स्टैंप की जरूरत नहीं पड़ती। केन्या, सेशेल्स और सेंट किट्स एंड नेविस जैसे देशों में यह सुविधा उपलब्ध है। इससे यात्रियों को लंबी वीजा प्रक्रिया से राहत मिलती है और यात्रा करना पहले के मुकाबले काफी आसान हो जाता है।
अन्य
दुनिया में सिंगापुर का पासपोर्ट सबसे मजबूत
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स में सिंगापुर दुनिया का सबसे ताकतवर पासपोर्ट बना हुआ है। सिंगापुर के नागरिक 192 देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं। इसके बाद UAE, जापान और दक्षिण कोरिया का स्थान है। यूरोप के कई देश भी टॉप रैंकिंग में शामिल हैं। वहीं अमेरिका और ब्रिटेन की रैंकिंग में भी गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इन देशों ने पिछले एक साल में कई जगहों पर वीजा-फ्री यात्रा की सुविधा खो दी है।