भारतीय कंपनियां AI को किफायती बनाने पर लगा रहीं ध्यान
वर्तमान में भारतीय कंपनियों का ध्यान सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तैयारी करने के बजाय उसे असल में लागू करने और किफायती बनाने पर है।
SAP के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मनीष प्रसाद ने बताया कि पिछले 2 सालों में करीब 67 फीसदी भारतीय कंपनियां केवल प्रयोगों तक सीमित न रहकर, AI प्रोजेक्ट्स को बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने लगी हैं।
हालांकि, इस राह में कुछ चुनौतियां भी हैं। कंप्यूटिंग का बढ़ता खर्च, साइबर सुरक्षा की चिंताएं और भू-राजनीतिक मुद्दे इस काम को और कठिन बना रहे हैं।
कंपनियों में कौशल बढ़ाने का आत्मविश्वास कम
SAP की ताजा रिपोर्ट बताती है कि करीब 80 फीसदी संगठनों को अपने कर्मचारियों का AI के लिए कौशल बढ़ाने को लेकर आत्मविश्वास नहीं है।
बहुत कम कंपनियां AI के सही गवर्नेंस के लिए तैयार महसूस करती हैं और कई खराब डाटा गुणवत्ता की समस्या से जूझ रही हैं, जबकि ज्यादातर यह जानते हैं कि सही फैसले लेने के लिए यह कितना अहम है।
मनीष प्रसाद ने यह भी बताया कि भारत का डाटा रेजिडेंसी कानून जहां सुरक्षा को मजबूत करता है, वहीं रक्षा जैसे कुछ क्षेत्रों को AI का इस्तेमाल करते समय और भी कड़े सुरक्षा उपायों की जरूरत पड़ती है।