भारतीय कंपनियां AI का असली कामों में कर रही उपयोग
भारतीय कंपनियां अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को केवल टेस्ट लैब से निकालकर असल काम में इस्तेमाल कर रही हैं।
डेल टेक्नोलॉजीज के वरिष्ठ निदेशक और कंट्री प्रमुख वेंकट सीताराम का कहना है कि इसकी वजह एजेंटिक AI है, जो कामों को अपने आप करता है, डेटा को बेहतर ढंग से मैनेज करता है और मानवीय श्रम को कम करता है। हालांकि, बजट की कमी और कुशल कर्मचारियों का अभाव अब भी बड़ी चुनौतियां हैं। फिर भी कंपनियां उन प्रोजेक्ट्स पर जोर दे रही हैं, जिनसे साफ नतीजे सामने आ रहे हैं।
डेल दे रही एडेप्टिव ऑटोमेशन की सुविधा
कंपनियों को AI का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने लायक बनाने के लिए डेल पावरस्टोर एलीट एडेप्टिव ऑटोमेशन की सुविधा देता है।
यह ऑटोमेशन कारोबार की बदलती जरूरतों के हिसाब से खुद को ढाल लेता है। सीताराम इस बात पर भी जोर देते हैं कि AI के आने से कंपनियों का स्टोरेज और नेटवर्क से जुड़ी उम्मीदें भी बदल गई हैं।
इसके साथ ही, बढ़ते साइबर सुरक्षा जोखिमों के मद्देनजर डेल लचीले फाइनेंसिंग विकल्प और विशेषज्ञ सलाह भी उपलब्ध करा रही है, ताकि कंपनियां AI को तेजी से अपना सकें और जल्द ही इसका वास्तविक प्रभाव देख सकें।