बढ़ती मांग के बीच बैंक बेहतर बना रहे गोल्ड लोन सुविधा
भारतीय बैंक अब गोल्ड लोन के मामले में अपनी पूरी ताकत झौंक रहे हैं। वे चाहते हैं कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) के ग्राहक उनके पास आएं क्योंकि सोने के कर्ज की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया इसका एक प्रमुख उदाहरण है। बैंक अब अपने 1,671 गोल्ड लोन पॉइंट से कर्ज दे रहा है। इन पॉइंट पर ग्राहक आमतौर पर सिर्फ 30 मिनट में ही लोन ले लेते हैं।
ऐसा इसलिए हो पाता है क्योंकि अप्रेजर (सोने का मूल्यांकन करने वाले) सोने को तौलने वाली मशीन, टचस्टोन और एसिड टेस्टिंग किट का इस्तेमाल करते हैं।
यह प्रक्रिया को बहुत तेज बना देता है। यूनियन बैंक के गोल्ड लोन पोर्टफोलियो (कुल कर्ज) में हर साल लगभग 30 फीसदी की बढ़ोतरी हो रही है।
कर्ज मंजूरी में तेजी ला रहे डिजिटल टूल्स
यूनियन बैंक ही नहीं, दूसरे बड़े बैंक भी इसमें तेजी ला रहे हैं। इंडियन बैंक ने अपनी 725 शाखाओं को 'गोल्ड शॉप' शाखा के तौर पर पहचान दी है। इतना ही नहीं, उन्होंने सिर्फ 6 महीने में 982 नए अप्रेजर भी अपने साथ जोड़ लिए हैं।
इंडियन ओवरसीज बैंक ने भी अपनी मूल्यांकन टीम को बढ़ाया है और अब वे होने वाली देरी पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, ताकि प्रक्रिया और तेज हो सके।
डिजिटल टूल्स भी कर्ज को जल्दी मंजूरी दिलाने में मदद कर रहे हैं। अब कुछ बैंक तो लगभग 15 मिनट में ही गोल्ड लोन मंजूर कर देते हैं। क्रेडिट ब्यूरो CRIF का अनुमान है कि मार्च के आखिर तक गोल्ड लोन का बाजार 18.6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा, जो 50.4 फीसदी की शानदार बढ़ोतरी होगी।