भारत ने 8 FTA से खोले अरबों डॉलर के निर्यात के नए द्वार
पिछले 5 सालों में भारत ने 8 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTAs) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों के कारण इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए 982 अरब डॉलर (करीब 93,000 अरब रुपये), कृषि क्षेत्र के लिए 631 अरब डॉलर (करीब 60,000 अरब रुपये) और रत्न-आभूषण के लिए 442 अरब डॉलर (करीब 42,000 अरब रुपये) का शुल्क-मुक्त बाजार खुल गया है।
इसका मतलब है कि अब इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर रत्न-आभूषण तक कई भारतीय उत्पाद बिना किसी शुल्क के इन बाजारों में पहुंच पाएंगे। ये समझौते यूनाइटेड किंगडम (UK), संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ओमान, ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस जैसे देशों के साथ किए गए हैं। इनका मुख्य मकसद भारतीय निर्यात को बढ़ावा देना और देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाना है। इसके अलावा, इंजीनियरिंग के सामान के लिए 3,000 अरब डॉलर (करीब 2.85 लाख अरब रुपये) तक के नए अवसर मिल सकते हैं।
UAE को भारत का निर्यात 37.3 अरब डॉलर पहुंचा
UAE को होने वाले निर्यात में जबरदस्त उछाल आया है। वित्त वर्ष 2022 में यह 28 अरब डॉलर (करीब 2,650 अरब रुपये) था, जो वित्त वर्ष 2026 तक बढ़कर 37.3 अरब डॉलर (करीब 3,550 अरब रुपये) हो गया।
रेशम, मशीनरी और कालीन की ज्यादा खेप भेजे जाने से इस बढ़ोतरी को बल मिला है, वहीं, ऑस्ट्रेलिया को होने वाले निर्यात में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन वहां भारत का व्यापार घाटा कम हुआ है।
इसकी वजह खाद्य पदार्थों और फार्मास्युटिकल उत्पादों की मजबूत बिक्री है। यूरोपीय संघ (EU) और न्यूजीलैंड के साथ भी कुछ समझौते पाइपलाइन में हैं, जिनके पूरा होने पर भविष्य में निर्यात के और भी नए रास्ते खुल सकते हैं।