भारत समुद्री भोजन का निर्यात बढ़ाने के लिए लागू करेगा प्रोडक्ट पासपोर्ट सिस्टम
भारत का मछली पालन क्षेत्र एक नई तकनीक अपनाने जा रहा है, जिसे 'प्रोडक्ट पासपोर्ट' सिस्टम कहा जाएगा। इस सिस्टम का मुख्य मकसद मछली और झींगा को पकड़े जाने या फार्म में पाले जाने से लेकर उपभोक्ताओं की थाली तक पहुंचने तक हर कदम पर डिजिटल तरीके से नजर रखना है।
इस पहल से सरकार का लक्ष्य है कि वित्तीय वर्ष 2026 में हुए 7.5 अरब डॉलर (करीब 700 अरब रुपये) के निर्यात को वित्तीय वर्ष 2027 तक बढ़ाकर 10 अरब डॉलर (करीब 9,00 अरब रुपये) से भी ऊपर पहुंचाया जाए।
इससे सिर्फ निर्यात बढ़ाना ही नहीं, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भारत का समुद्री भोजन दुनिया के कड़े गुणवत्ता मानकों पर भी खरा उतरे।
PLI योजना को आसान बनाने पर विचार
सरकार प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के नियमों में ढील देने पर भी विचार कर रही है, ताकि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) भी आसानी से इससे जुड़ सकें।
ज्यादा MSMEs के इस स्कीम से जुड़ने पर भारत की दुनिया के समुद्री भोजन के बाजार में स्थिति और मजबूत होगी। इससे निर्यात की प्रक्रिया सभी के लिए और भी सरल हो जाएगी।