सरकार ने खोला विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए पोर्टफोलियो इंवेस्टमेंट का रास्ता
सरकार ने देश के बाहर रहने वाले सभी लोगों को पोर्टफोलियो इंवेस्टमेंट रूट के तहत सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों में निवेश करने की अनुमति देकर शेयर बाजार में विदेशी भागीदारी का दायरा बढ़ा दिया है।
वित्त मंत्रालय की जारी एक अधिसूचना के अनुसार, फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट (नॉन-डेट इंस्ट्रूमेंट्स) रूल्स, 2026 के जरिए बताए गए ये बदलाव मौजूदा FEMA फ्रेमवर्क में संशोधन करते हैं।
इसके तहत अप्रवासी भारतीय (NRIs) और भारत के विदेशी नागरिक (OCIs) जैसी सीमित श्रेणी की जगह भारत के बाहर रहने वाले व्यक्ति जैसी व्यापक श्रेणी को शामिल किया गया है।
निवेश के लिए तय की सीमा
विदेशी निवेशक मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज के जरिए शेयरों की खरीद-फरोख्त या उन्हें ट्रांसफर कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए कुछ स्पष्ट सीमाएं रखी गई हैं।
कोई भी एक व्यक्ति कंपनी के 10 फीसदी से ज्यादा शेयर नहीं रख सकेगा और ऐसे सभी निवेशकों के पास मिलकर कुल 24 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी नहीं हो सकती, लेकिन इस निवेश या शेयर ट्रांसफर के बाद किसी लिस्टेड भारतीय कंपनी का स्वामित्व या कंट्रोल ऐसे किसी देश के नागरिकों या कंपनियों के पास चला जाए, जिसकी सीमा भारत से लगती है या जिसका लाभकारी मालिक ऐसे ही किसी क्षेत्राधिकार से संबंधित हो तो पहले सरकार की मंज़ूरी लेना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा, पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के कड़े नियम भी लागू होंगे।