भारतीय कंपनियाें की वित्त वर्ष 2027 में 10.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना
भारतीय कंपनियां वित्त वर्ष 2026-27 में बड़ा निवेश करने की योजना बना रही हैं। अब ये कंपनियां रक्षा निर्माण, ऊर्जा सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में अधिक पैसा लगा रही हैं।
हाल की वैश्विक उथल-पुथल के बाद यह बदलाव साफ दिख रहा है। ICICI सिक्योरिटीज के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में लगभग 2,000 लिस्टेड कंपनियों ने करीब 10.5 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) किया था, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 15 फीसदी ज्यादा रहा।
बिजली और रिन्यूएबल एनर्जी में सबसे ज्यादा व्यय
पूंजीगत व्यय में बिजली और रिन्यूएबल एनर्जी का हिस्सा सबसे बड़ा रहने वाला है। अडाणी ग्रीन एनर्जी ने वित्त वर्ष 2027 के लिए 42,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है। पावर ग्रिड (37,000 करोड़ रुपये) और JSW स्टील (22,000-24,000 करोड़ रुपये) भी बड़ा निवेश कर रहे हैं।
रक्षा क्षेत्र की बात करें तो हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स अगले 5 साल में 12,000 करोड़ रुपये लगाएगी, वहीं NTPC ग्रीन एनर्जी रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं में 35,800 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी में है।
टेलीकॉम और ऑटोमोबाइल में भी होगा निवेश
निवेश की यह होड़ सिर्फ बिजली क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है। भारती एयरटेल 56 एज डाटा सेंटर बना रही है और वित्त वर्ष 2027 के लिए उसका कुल पूंजीगत व्यय लगभग 45,500 करोड़ रुपये रहने वाला है।
दूसरी तरफ, ऑटोमोबाइल क्षेत्र में मारुति सुजुकी 14,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है, जबकि TVS मोटर उत्पाद विकास, क्षमता विस्तार और R&D पर 3,500 करोड़ रुपये खर्च करेगी।